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कानपुर में कमीशन एजेंट ने की आत्महत्या, परिवार में मातम

 

उत्तर प्रदेश के काकादेव थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां एक कमीशन एजेंट ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 37 वर्षीय रवि यादव के रूप में हुई है। वह शास्त्री नगर मतैयापुरवा में अपने परिवार के साथ रहते थे।

जानकारी के अनुसार, रवि यादव दोपहिया वाहनों, कारों और पिकअप जैसी गाड़ियों को कमीशन पर खरीदने-बेचने का काम करते थे। उनका व्यवसाय स्थानीय बाजार में जाना-पहचाना था। मृतक के परिवार में पत्नी दीपिका यादव, दो छोटे बच्चे और माता मानती देवी शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि रविवार की सुबह रवि यादव के घर पर उनकी लाश मिली। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया और घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला सामने आया है, लेकिन इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोग और पड़ोसी घटना से स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि रवि यादव अपने काम और समाज में जिम्मेदार व्यक्ति माने जाते थे। इस तरह की घटना ने पूरे मोहल्ले में शोक और दुख का माहौल पैदा कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि व्यवसायिक दबाव, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव अक्सर इस तरह की घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने अपील की है कि समाज और परिवार को हमेशा मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी तनाव की स्थिति में मदद उपलब्ध करानी चाहिए।

पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही परिवार और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।

स्थानीय समाजसेवी और पड़ोसी परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि वे परिवार के बच्चों और पत्नी के लिए उचित मदद सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के दुखद मामलों में मानसिक और सामाजिक सहायता प्रदान करना आवश्यक है।

कानपुर में यह घटना व्यवसायिक और पारिवारिक जीवन में दबाव और तनाव को उजागर करती है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई आपराधिक गतिविधि या दबाव शामिल पाया गया, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना पूरे इलाके में एक चेतावनी का काम कर रही है कि मानसिक स्वास्थ्य, परिवार और व्यवसायिक तनाव का ध्यान रखना कितना जरूरी है। अब पूरे इलाके की निगाह इस बात पर है कि पुलिस जांच में कितनी तेजी और पारदर्शिता से मामले का निष्कर्ष निकलती है और परिवार को न्याय और सहायता मिलती है।