लखनऊ में सीएम योगी निकालेंगे मौन पदयात्रा, हजरतगंज से लोकभवन तक जाएंगे; विभाजन पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में मौन पदयात्रा निकालेंगे। यह पदयात्रा हजरतगंज चौराहे से शुरू होकर लोकभवन तक जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भारत विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आए परिवारों से भी मुलाकात करेंगे।
मौन पदयात्रा का आयोजन विभाजन की त्रासदी को याद करने और उस दौरान विस्थापित हुए परिवारों के संघर्ष एवं योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं।
हजरतगंज से लोकभवन तक निकलेगी यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हजरतगंज चौराहे से मौन पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा लोकभवन तक पहुंचेगी। इस दौरान किसी तरह के भाषण के बजाय मौन के माध्यम से विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापित परिवारों को श्रद्धांजलि देने का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। यात्रा के मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती और आवश्यक ट्रैफिक व्यवस्था की जा रही है।
विभाजन पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
मौन पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री उन परिवारों से मुलाकात करेंगे, जो भारत के विभाजन के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर देश में आए थे। इन परिवारों ने कठिन परिस्थितियों के बीच भारत में अपना नया जीवन शुरू किया था।
मुख्यमंत्री उनसे बातचीत कर उनके अनुभव और संघर्ष के बारे में जानकारी लेंगे। साथ ही उनके योगदान और देश के प्रति समर्पण को सम्मानित करने का संदेश देंगे।
विभाजन की त्रासदी को किया जाएगा याद
कार्यक्रम के माध्यम से विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी और विस्थापन की पीड़ा को याद किया जाएगा। विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर-बार छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा था।
मौन पदयात्रा के जरिए उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिन्होंने विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाई या विस्थापन का दर्द झेला।
सुरक्षा के किए गए इंतजाम
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए लखनऊ पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। हजरतगंज से लोकभवन तक के मार्ग पर पुलिस और यातायात कर्मियों की तैनाती की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन भी किया जा सकता है।
सीएम योगी की यह मौन पदयात्रा स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की कड़ी में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए विभाजन की पीड़ा को याद करने के साथ विस्थापित परिवारों के संघर्ष और योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया जाएगा।