यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में CM योगी की जापानी कंपनियों से अपील, बोले- यूपी में निवेश करिए, सरकार हर कदम पर देगी साथ
उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों और बिजनेस लीडर्स से प्रदेश में निवेश करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कंपनियों के सीईओ और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
निवेशकों को सीएम योगी ने दिया भरोसा
सीएम योगी ने निवेशकों के साथ संवाद के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कारोबार के माहौल में बड़ा बदलाव आया है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां देश और विदेश की कंपनियां बिना किसी बाधा के अपना कारोबार स्थापित और विस्तार कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल निवेश के प्रस्ताव लेने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए भी कंपनियों के साथ लगातार सहयोग करेगी। निवेशकों की ओर से सामने आने वाले सुझावों और व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
200 से ज्यादा जापानी सीईओ और बिजनेस लीडर्स पहुंचे
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में जापान से 200 से अधिक सीईओ, कारोबारी नेता, उद्योग प्रतिनिधि और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं। पांच दिवसीय कार्यक्रम 18 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली, लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है। मुख्य राज्य स्तरीय निवेश सम्मेलन 21 अगस्त को लखनऊ में प्रस्तावित है।
इस दौरान जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार-से-व्यापार और बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस है।
500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी
इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 500 एकड़ की जापानी सिटी भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इसके जरिए जापानी कंपनियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने और विस्तार करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके अलावा कुबोटा और स्पार्क मिंडा जैसी कंपनियों से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार इन परियोजनाओं से 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
स्किल्ड युवाओं को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश के युवाओं को भी निवेश प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास बड़ी संख्या में युवा मानव संसाधन उपलब्ध है और सरकार उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं की स्किलिंग और अपस्किलिंग पर काम कर रही है। इससे राज्य में आने वाली कंपनियों को प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सरकार का जोर उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी है, ताकि युवाओं के कौशल को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
जापान के साथ बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट को उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जापानी कंपनियों के लिए प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्योग जगत से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी है। उनका संदेश साफ है कि जो कंपनियां यूपी में निवेश करेंगी, उन्हें सरकार की ओर से नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।