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UP में शिक्षकों के तबादलों का रास्ता साफ, अब बिना न्यूनतम सेवा अवधि के कर सकेंगे आवेदन

 

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूल शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने अंतरजनपदीय (दूसरे जिले में) तबादलों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार तबादलों के लिए न्यूनतम सेवा अवधि की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत जिले में कार्यरत सभी नियमित शिक्षक और शिक्षिकाएं निर्धारित शर्तों के अनुसार तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।

सभी नियमित शिक्षक कर सकेंगे आवेदन

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब केवल लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों तक ही यह सुविधा सीमित नहीं रहेगी। जिले में तैनात सभी नियमित शिक्षक और शिक्षिकाएं स्थानांतरण प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

इस फैसले से उन शिक्षकों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जो पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से लंबे समय से अपने गृह जिले या पसंदीदा जिले में तबादले का इंतजार कर रहे थे।

ग्रामीण और शहरी संवर्ग के लिए अलग व्यवस्था

नई स्थानांतरण नीति के तहत संवर्ग के आधार पर तबादले किए जाएंगे।

  • ग्रामीण संवर्ग के शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में ही स्थानांतरित किए जाएंगे।
  • शहरी संवर्ग के शिक्षक शहरी क्षेत्र के स्कूलों में ही तबादला प्राप्त कर सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य संवर्ग की संरचना को बनाए रखना और शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित रखना है।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

तबादलों के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। शिक्षक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद के जिलों का चयन कर सकेंगे। इसके बाद विभागीय स्तर पर पात्रता और रिक्त पदों के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

महिला शिक्षकों को मिल सकता है लाभ

शिक्षक संगठनों का मानना है कि नई व्यवस्था से विशेष रूप से महिला शिक्षकों को फायदा होगा। विवाह, पारिवारिक जिम्मेदारियों और बच्चों की शिक्षा जैसे कारणों से लंबे समय से तबादले की मांग कर रही शिक्षिकाओं को राहत मिलने की संभावना है।

पारदर्शिता पर रहेगा जोर

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन होगी। मेरिट, रिक्त पदों और निर्धारित मानकों के आधार पर ही तबादले किए जाएंगे।

शिक्षकों में खुशी की लहर

सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से अंतरजनपदीय तबादलों की मांग कर रहे शिक्षक संगठनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।

शिक्षकों का कहना है कि न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त हटने से अब अधिक संख्या में पात्र अभ्यर्थियों को स्थानांतरण का अवसर मिलेगा और वे अपने परिवार के नजदीक रहकर बेहतर ढंग से शैक्षणिक कार्य कर सकेंगे।