नकली सिक्कों से बना ‘चिल्लर किंग’, 10वीं फेल ने खड़ा किया सिक्कों का धंधा; ऐसे करता था नकली करेंसी खपाने की कोशिश
नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों के कारोबार का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी का खुलासा किया है, जो 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और कथित तौर पर नकली सिक्कों के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहा था। आरोपी को उसके नेटवर्क और नकली सिक्कों की सप्लाई से जुड़े मामले में पकड़ा गया है। पुलिस जांच में उसके द्वारा लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चलाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने नकली सिक्कों को बाजार में चलाने के लिए एक तरीका अपनाया था। वह ऐसे स्थानों को निशाना बनाता था जहां बड़ी संख्या में छोटी रकम के लेन-देन होते हैं। इसी वजह से कथित तौर पर नकली सिक्कों को अलग-अलग दुकानों और कारोबारियों के बीच खपाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने सिक्के तैयार किए और उन्हें किन-किन इलाकों में पहुंचाया।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि नकली सिक्कों की पहचान किए बिना वे बाजार में कैसे पहुंच रहे थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपी छोटे-मोटे लेन-देन के दौरान नकली सिक्कों का इस्तेमाल करता था, जिससे सामने वाले व्यक्ति को तुरंत शक न हो। इसके बाद ये सिक्के आगे दूसरे कारोबारियों तक पहुंच जाते थे।
आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों, नकली सिक्कों की सप्लाई और उन्हें बाजार तक पहुंचाने के तरीके के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस काम में आरोपी अकेला था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।
इस तरह के मामलों में नकली मुद्रा का इस्तेमाल केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे बाजार में भरोसे पर भी असर पड़ता है। दुकानदारों और आम लोगों के लिए नकली सिक्कों की पहचान करना कई बार मुश्किल हो सकता है। ऐसे में पुलिस की ओर से लोगों को संदिग्ध सिक्कों और लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पुलिस अब आरोपी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। उसके पास से बरामद सामान और सिक्कों की जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे किस स्तर पर नकली हैं और कितनी मात्रा में तैयार किए गए थे। साथ ही उन लोगों की भी तलाश की जा सकती है, जिन्होंने इन सिक्कों को बाजार में चलाने में मदद की।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। आरोपी पर लगाए गए आरोप जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे। मामले का खुलासा होने के बाद नकली सिक्कों के इस कथित नेटवर्क ने पुलिस के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों को भी सतर्क कर दिया है।