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घुटनों से ऊपर पानी पार कर स्कूल पहुंचे बच्चे, चित्रकूट में 300 मीटर रास्ते पर भरा पानी, अभिभावकों ने जताई सुरक्षा की चिंता
 

 

मध्य प्रदेश के चित्रकूट में बारिश के बाद स्कूली बच्चों की परेशानी का एक वीडियो सामने आया है। यहां बच्चे घुटनों से ऊपर भरे पानी को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। करीब 300 मीटर लंबे रास्ते पर जलभराव होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

बारिश के बाद रास्ते में पानी जमा होने से स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

पानी के बीच से गुजरते दिखे बच्चे

सामने आए वीडियो में स्कूली बच्चे यूनिफॉर्म पहनकर पानी से होकर गुजरते नजर आ रहे हैं। रास्ते पर पानी का स्तर इतना ज्यादा है कि बच्चों को घुटनों से ऊपर तक पानी पार करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई दिनों तक पानी जमा रहता है।

300 मीटर रास्ते पर बनी समस्या

बताया जा रहा है कि स्कूल जाने वाले मार्ग के करीब 300 मीटर हिस्से में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी रास्ते से बड़ी संख्या में बच्चे रोजाना स्कूल आते-जाते हैं।

अभिभावकों का कहना है कि पानी में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे बच्चों के गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। खासकर छोटे बच्चों को इस रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है।

अभिभावकों ने प्रशासन से की समाधान की मांग

बच्चों को जोखिम उठाकर स्कूल जाते देख अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।

अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए और बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

बारिश में हर साल बढ़ जाती है परेशानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के मौसम में यह समस्या हर साल सामने आती है। नालियों और जल निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने से रास्ते पर पानी भर जाता है।

अब बच्चों के पानी पार कर स्कूल पहुंचने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है।