बरेली जिला अस्पताल में अव्यवस्था: 30 बेड पर 40 बच्चों का इलाज, गर्मी में बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक हो गई है। बच्चा वार्ड में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। हालात ऐसे हैं कि 30 बेड वाले वार्ड में करीब 40 बच्चों का इलाज किया जा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी के चलते बच्चों में बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे अस्पताल पर दबाव बढ़ गया है। लेकिन सीमित संसाधनों और अव्यवस्था के कारण हालात संभालना मुश्किल हो रहा है। कई बच्चों को एक ही बेड पर या जमीन पर लेटाकर इलाज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
अस्पताल परिसर में गंदगी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। वार्ड और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई का अभाव देखने को मिल रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ सकती है।
इसके अलावा, इलाज के लिए लंबी कतारें भी एक बड़ी समस्या बन गई हैं। पंजीकरण से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान छोटे बच्चों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन स्थिति को सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों में डायरिया, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं, ऐसे में अस्पतालों को पहले से तैयार रहना चाहिए। पर्याप्त बेड, साफ-सफाई और चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है और संकेत देती है कि बढ़ती आबादी और मौसमी बीमारियों के बीच सरकारी अस्पतालों को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।