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विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा पहुंचेंगे चंद्रशेखर आजाद, पुलिस अलर्ट; बाराबंकी बॉर्डर से गांव तक फोर्स तैनात

 

गोंडा के कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा पहुंचने वाले हैं। इससे पहले उनके गोंडा जाने को लेकर बाराबंकी में पुलिस ने काफिला रोक दिया था। अब उनके दोबारा परिवार से मिलने पहुंचने की सूचना के बाद प्रशासन सतर्क है।

रिपोर्टों के मुताबिक, विनोद साहनी के गांव तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। गोंडा-बाराबंकी सीमा से लेकर मृतक के घर तक पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। प्रशासन किसी भी तरह के तनाव या भीड़ की स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था कर रहा है।

बाराबंकी में रोका गया था काफिला

13 सितंबर को चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे। बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बनी और काफी देर तक हंगामा हुआ।

पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए काफिला रोके जाने की बात सामने आई थी। चंद्रशेखर आजाद ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति देने की मांग की थी।

पल्लवी पटेल परिवार से मिल चुकी हैं

चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रोके जाने के बीच सिराथू विधायक पल्लवी पटेल गोंडा पहुंचकर विनोद साहनी के परिवार से मुलाकात कर चुकी हैं। उन्होंने परिवार से बातचीत के बाद मामले में आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, परिवार को सुरक्षा, मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी थी।

इससे पहले कांग्रेस नेता अजय राय को भी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जाते समय पुलिस द्वारा रोके जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इससे मामले को लेकर राजनीतिक नेताओं के गांव पहुंचने पर प्रशासन की सतर्कता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

विनोद साहनी हत्याकांड में अब तक क्या हुआ?

विनोद साहनी पर 9 सितंबर की रात हमला किया गया था। वह दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के KGMU ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गोंडा में आक्रोश फैल गया और परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी समेत कई मांगें रखीं।

मामले में पुलिस ने कई आरोपियों की गिरफ्तारी की है। पुलिस की कार्रवाई में लापरवाही के आरोपों के बाद कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई

चंद्रशेखर आजाद के संभावित दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। गोंडा-बाराबंकी सीमा से लेकर मृतक के घर तक पुलिस और पीएसी की तैनाती की जा रही है। प्रशासन का फोकस भीड़ को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने पर है।

विनोद साहनी हत्याकांड के बाद अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक नेताओं के पीड़ित परिवार से मिलने के कारण इलाके में गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में पुलिस किसी भी तरह के टकराव की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।

अब सभी की नजर चंद्रशेखर आजाद की प्रस्तावित गोंडा यात्रा और पीड़ित परिवार से उनकी मुलाकात पर है। परिवार की ओर से रखी गई मांगों और मामले की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।