‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं’, वीडियो में नए महासचिव गोविंद देव गिरि बोले- भोलापन बना मुसीबत, लोगों की पहचान करने में हुई चूक
अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने चंपत राय का खुलकर बचाव किया है। जिम्मेदारी संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय का भोलापन उनके लिए परेशानी का कारण बना और उन्होंने लोगों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर को गोविंद देव गिरि को नया महासचिव नियुक्त किया है। इससे पहले वह ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चंपत राय के इस्तीफे के बाद करीब दो महीने तक डॉ. कृष्ण मोहन ने कार्यवाहक महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी।
‘लोगों की पहचान करने में चूक हुई’
गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि, लोगों पर विश्वास करने के मामले में उनसे चूक हुई। उन्होंने कहा कि चंपत राय का स्वभाव सरल और भरोसा करने वाला रहा है और यही उनके लिए परेशानी का कारण बन गया।उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की नीयत और उसके आसपास काम करने वाले लोगों के आचरण को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, चंपत राय को हर व्यक्ति की सही पहचान करने में कठिनाई हुई, जिसका असर ट्रस्ट की व्यवस्था पर भी पड़ा।
‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कमियां रहीं’
चढ़ावे की चोरी से जुड़े विवाद पर गोविंद देव गिरि ने माना कि ट्रस्ट की व्यवस्था में कुछ कमियां रही होंगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर व्यवस्था में कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी?उन्होंने साफ किया कि जहां भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने का काम किया जाएगा। उनका कहना था कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की गुंजाइश न रहे और व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जाए।
‘चोरी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए’
गोविंद देव गिरि ने कहा कि अगर चोरी हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और चोरी करने वालों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में जांच की जरूरत पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि घटना हुई है तो उससे जुड़े लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, लेकिन पूरे घटनाक्रम को जिस तरह से सामने रखा गया है, उस पहलू पर भी ध्यान देना जरूरी है।
‘चढ़ावा चोरी के पीछे षड्यंत्र नजर आता है’
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसके पीछे कुछ षड्यंत्र नजर आता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।इस मामले में पहले ट्रस्ट की ओर से भी जांच और व्यवस्था में सुधार की बात कही गई थी। चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं। बाद में ट्रस्ट ने नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत गोविंद देव गिरि को महासचिव बनाया।
अब व्यवस्था सुधारने पर जोर
गोविंद देव गिरि के सामने नई जिम्मेदारी के साथ ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती भी है। ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती और उसके हिसाब-किताब की प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने तथा मानवीय हस्तक्षेप कम करने पर भी चर्चा की है।नए महासचिव ने संकेत दिया कि आगे व्यवस्था में जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। साथ ही चढ़ावा चोरी मामले की जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार भी किया जाएगा। इस बीच गोविंद देव गिरि का चंपत राय के समर्थन में दिया गया बयान ट्रस्ट में हुए बदलाव के बाद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।