राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की चर्चा, वीडियो में जाने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबरों से हलचल
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से बाहर किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में मंदिर की व्यवस्थाओं और चढ़ावे से जुड़े कथित विवादों के बाद ट्रस्ट के भीतर बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी क्रम में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी वर्तमान व्यवस्थाओं से अलग कर दिया गया है।
चंपत राय लंबे समय से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सबसे प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल रहे हैं। राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मंदिर निर्माण से लेकर ट्रस्ट की प्रशासनिक और धार्मिक गतिविधियों तक, अधिकांश जिम्मेदारियां उनके नेतृत्व में संचालित होती रही हैं। उनके बाद ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव भी मंदिर की व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभा रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान चंपत राय को मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से दूर रखा गया था। उसी समय से ट्रस्ट में संभावित बदलावों की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब इस्तीफे की खबरों ने इन अटकलों को और बल दिया है।
जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ट्रस्ट के ढांचे में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि, अभी तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इन इस्तीफों या पुनर्गठन को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन खबरों की पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। यदि ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
राम मंदिर देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परियोजनाओं में से एक है। ऐसे में ट्रस्ट में किसी भी बड़े प्रशासनिक बदलाव पर देशभर की नजर बनी रहती है। फिलहाल सभी की निगाहें ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे होने वाले निर्णयों पर टिकी हैं।