आगरा कॉलेज में 41 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला, प्राचार्य प्रो. सीके गौतम के खिलाफ केस दर्ज
आगरा कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान 41 पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है। वन विभाग ने इस मामले में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम के खिलाफ केस दर्ज किया है। विभाग ने वन अपराध संख्या 08/शहर/2025-26 के तहत कार्रवाई की है। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है।
इस कार्रवाई के बाद कॉलेज परिसर में पेड़ों की कटाई को लेकर मामला चर्चा में आ गया है। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों को काटे जाने के आरोपों पर वन विभाग ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। प्राचार्य के खिलाफ दर्ज केस के बाद अब मामले का निस्तारण न्यायालय में होगा।
निर्माण कार्य के दौरान काटे गए 41 पेड़
जानकारी के अनुसार, आगरा कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान 41 पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया था। पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया।
वन विभाग ने इस मामले को वन अपराध संख्या 08/शहर/2025-26 के रूप में दर्ज किया है। यह कार्रवाई पेड़ों के अवैध कटान से जुड़े मामले में की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पेड़ों की कटाई कब हुई थी और निर्माण कार्य किस परियोजना के तहत कराया जा रहा था।
प्राचार्य के खिलाफ वन अपराध दर्ज
वन विभाग की ओर से प्राचार्य प्रो. सीके गौतम के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है। विभाग ने वन अपराध संख्या के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में अब न्यायालय में सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया होनी है।
पेड़ों की कटाई को लेकर वन कानूनों के तहत कार्रवाई की जाती है। किसी भी निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को काटने के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
न्यायालय में विचाराधीन है मामला
41 पेड़ों के कटान से जुड़ा यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। अभी उपलब्ध जानकारी में वन विभाग की जांच के विस्तृत निष्कर्ष, प्राचार्य का पक्ष और कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस मामले ने शैक्षणिक संस्थानों में निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन का सवाल भी उठाया है। अब सभी की नजर न्यायालय में होने वाली आगे की कार्रवाई पर रहेगी।