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सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच सराफा कारोबारी नकद सौदों पर जुटे

 

सोने-चांदी के लगातार बदलते भावों के बीच बरेली के सराफा बाजार में नकद सौदों का दौर तेजी से बढ़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में सोने और चांदी के भावों में प्रतिदिन हजारों रुपये का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसके कारण उधारी पर कारोबार करना जोखिमपूर्ण हो गया है।

सराफा व्यापारियों ने बताया कि पहले जहां ग्राहक आकर गहनों की बुकिंग और उधारी पर खरीदारी किया करते थे, अब वह लगभग ठप पड़ गई है। अब अधिकांश ग्राहक केवल नगद भुगतान के साथ ही लेन-देन कर रहे हैं। हालांकि, नकद सौदे होने के बावजूद कारोबार थोड़ी सुस्ती के साथ चल रहा है, लेकिन व्यापारियों को संतोष है कि उन्हें समय पर भुगतान और लेन-देन में पारदर्शिता मिल रही है।

बरेली के वरिष्ठ सराफा कारोबारी अजय अग्रवाल ने कहा, "सोने-चांदी के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव और वैश्विक मार्केट की अस्थिरता के कारण उधारी पर कारोबार करना जोखिम भरा हो गया है। इसलिए अब ग्राहक केवल नकद भुगतान कर रहे हैं। इससे हमारे लिए लेन-देन सुरक्षित और आसान हो गया है।"

सराफा बाजार में यह बदलाव ग्राहकों की सावधानी और निवेश की सोच का भी संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी के भावों में अस्थिरता के कारण निवेशक और ग्राहक दोनों ही उधारी और बुकिंग में कम रुचि ले रहे हैं। नकद भुगतान से कारोबार सुस्त हो सकता है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि इससे घाटे का जोखिम कम होता है और नकदी प्रवाह में स्थिरता रहती है।

बरेली सराफा संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा ने बताया कि अब व्यापारी अधिक सतर्क हो गए हैं और केवल भरोसेमंद ग्राहकों को ही बुकिंग की सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नकद सौदे होने से ग्राहक और व्यापारी दोनों के लिए लेन-देन पारदर्शी और सुरक्षित होता है।

हालांकि व्यापारियों ने यह भी माना कि नकद सौदों के बावजूद कारोबारी गतिविधि अपेक्षाकृत सुस्त है। पिछली तिमाही के मुकाबले कारोबार में कमी दर्ज की गई है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय में यह कदम उन्हें वित्तीय रूप से सुरक्षित रखेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी के बाजार में अस्थिरता और वैश्विक कच्चे माल की कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण यह प्रवृत्ति सामान्य है। नकद सौदे से बाजार में पारदर्शिता बढ़ती है और व्यापारियों को अपने निवेश और लाभ का स्पष्ट अनुमान होता है।

बरेली के सराफा बाजार में यह बदलाव निवेशकों और ग्राहकों दोनों के लिए संकेत देता है कि जोखिम और अस्थिरता के दौर में सुरक्षित और पारदर्शी लेन-देन पर जोर देना जरूरी है। व्यापारियों का मानना है कि जल्द ही भावों में स्थिरता आने पर बुकिंग और उधारी पर भी कारोबार फिर से बढ़ सकता है।