बरेली में देर रात वकीलों के चेंबर पर चला बुलडोजर, नगर निगम ने एक दर्जन से ज्यादा अस्थाई चेंबर हटाए
बरेली में गुरुवार देर रात नगर निगम की कार्रवाई से कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया। रात करीब 11 बजे नगर निगम की टीम दो बुलडोजर लेकर कचहरी पहुंची और वकीलों के एक दर्जन से ज्यादा अस्थाई चेंबरों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। देर रात हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।
नगर निगम की टीम ने कचहरी परिसर और उसके आसपास बनाए गए अस्थाई निर्माणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान नगर निगम के कर्मचारी बुलडोजर की मदद से चेंबरों को हटाते नजर आए। अचानक शुरू हुई कार्रवाई के बाद वहां मौजूद अधिवक्ताओं और अन्य लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
रात 11 बजे पहुंची नगर निगम की टीम
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम की टीम रात करीब 11 बजे दो बुलडोजर के साथ कचहरी पहुंची। इसके बाद अस्थाई रूप से बनाए गए चेंबरों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। टीम ने एक के बाद एक कई चेंबरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई में एक दर्जन से ज्यादा अस्थाई चेंबर हटाए गए। नगर निगम की टीम ने मौके पर मौजूद निर्माणों की स्थिति का जायजा लेने के बाद कार्रवाई की।
अस्थाई चेंबरों को लेकर कार्रवाई
नगर निगम की ओर से अस्थाई निर्माणों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कचहरी परिसर में भी कार्रवाई की गई। निगम की टीम का फोकस ऐसे निर्माणों को हटाने पर रहा, जो निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं बताए जा रहे थे।
देर रात कार्रवाई किए जाने को लेकर हालांकि सवाल भी उठ रहे हैं। वकीलों के चेंबर हटाए जाने के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। मामले में आगे वकीलों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
कार्रवाई के बाद कचहरी परिसर में बढ़ी हलचल
बुलडोजर कार्रवाई के बाद कचहरी परिसर में देर रात तक चर्चा का माहौल रहा। चेंबर हटाए जाने से प्रभावित अधिवक्ताओं के सामने अब अपने दस्तावेज और अन्य सामान को व्यवस्थित करने की चुनौती खड़ी हो गई।
नगर निगम की ओर से अतिक्रमण और अस्थाई निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। वहीं, वकीलों के चेंबर हटाने की कार्रवाई को लेकर अधिवक्ता पक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
फिलहाल देर रात हुई इस कार्रवाई ने बरेली कचहरी परिसर में हलचल बढ़ा दी है। एक दर्जन से ज्यादा अस्थाई चेंबर हटाए जाने के बाद अब नगर निगम और अधिवक्ताओं के बीच इस मामले को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।