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बुलंदशहर में हत्या के मामले में 11 महीने बाद उम्रकैद की सजा, आरोपी पर 51 हजार रुपए जुर्माना

 

बुलंदशहर में हत्या के करीब 11 महीने पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला अभिषेक की हत्या से जुड़ा है, जिसे चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी माना गया।

अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, दोषी को अब उम्रकैद की सजा काटनी होगी।

चाकू से गोदकर की थी हत्या

मामला बुलंदशहर का है, जहां करीब 11 महीने पहले अभिषेक की हत्या कर दी गई थी। आरोप के अनुसार, आरोपी ने चाकू से हमला कर अभिषेक को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। शरीर पर कई वार किए जाने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आरोपियों से पूछताछ की और मामले को अदालत तक पहुंचाया।

पुलिस जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट

हत्या की घटना के बाद पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान दर्ज किए और घटना से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए।

11 महीने में आया फैसला

मामले में करीब 11 महीने तक सुनवाई चली। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।

परिवार को मिला न्याय

अदालत के फैसले के बाद अभिषेक के परिवार ने राहत महसूस की। परिजनों ने आरोपी को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद जताई थी। उम्रकैद की सजा को परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हत्या जैसे गंभीर मामलों में अदालत का फैसला समाज में कानून के प्रति भरोसा कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी को सजा सुनाई।

फिलहाल आरोपी को उम्रकैद की सजा काटने के लिए जेल भेज दिया गया है। मामले में 51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। लगभग 11 महीने के भीतर आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।