सीतापुर में BSA का बड़ा एक्शन: सभी BEO की सैलरी रोकने के आदेश, MDM में लापरवाही पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. गोरखनाथ पटेल ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही विकासखंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय लोहंगपुर में मिड-डे मील (MDM) व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर संबंधित बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
बीएसए की इस कार्रवाई के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने स्कूलों में व्यवस्थाओं की निगरानी और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर सख्ती के संकेत दिए हैं।
सभी BEO का वेतन रोकने के आदेश
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी और विभागीय जिम्मेदारियों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखने के कारण यह कदम उठाया गया है।
BEO की जिम्मेदारी में उनके क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण, शिक्षण व्यवस्था की निगरानी और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा शामिल होती है। ऐसे में विभाग ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपनाया है।
MDM में मिली लापरवाही
विकासखंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय लोहंगपुर में मिड-डे मील व्यवस्था को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया। निरीक्षण के दौरान स्कूल में भोजन व्यवस्था से संबंधित कमियां पाए जाने के बाद विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
मामले में संबंधित BEO को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। प्रतिकूल प्रविष्टि सरकारी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में दर्ज होने वाली गंभीर प्रशासनिक टिप्पणी होती है, जिसका असर उसके सेवा रिकॉर्ड पर पड़ सकता है।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर भी कार्रवाई की तैयारी
मिड-डे मील व्यवस्था में लापरवाही के मामले में स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, समय पर वितरण और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं को लेकर विभाग विशेष निगरानी करता है।
निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सख्ती
सीतापुर में बीएसए की कार्रवाई को स्कूलों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है। विभाग का जोर है कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों का निरीक्षण करें और शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ छात्र सुविधाओं पर भी नजर रखें।
सभी BEO का वेतन रोकने के आदेश और लोहंगपुर स्कूल में कार्रवाई से यह संकेत साफ है कि विभाग अब लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई करने के मूड में है। आने वाले दिनों में निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों पर भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।