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दिवाली पर अयोध्या-काशी और मथुरा में बम धमाकों की धमकी, 27 नवंबर तक हमले की चेतावनी; यूपी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

 

उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बम धमाके करने की धमकी मिलने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बुधवार दोपहर अयोध्या जिला न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर स्लेटर जॉन्सन नाम से धमकी भरा संदेश भेजा गया। इसमें 8 नवंबर को 'काली दिवाली' होने और अयोध्या, वाराणसी तथा मथुरा में धमाके करने की बात लिखी गई है। धमकी में 27 नवंबर तक हमले जारी रहने का भी दावा किया गया है।

ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसके अलावा वाराणसी के स्कूलों और तीनों शहरों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है। संदेश सामने आने के बाद संबंधित जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, ई-मेल में किए गए दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

दोपहर 12:25 बजे आया धमकी भरा ई-मेल

जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 12:25 बजे अयोध्या जिला न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर यह संदेश मिला। इसमें लिखा गया कि 8 नवंबर को काली दिवाली होगी और अयोध्या, वाराणसी तथा मथुरा में धमाके किए जाएंगे। संदेश में 8 से 27 नवंबर तक विस्फोटों की चेतावनी दी गई है।

ई-मेल में वाराणसी के स्कूलों का भी उल्लेख किया गया है। बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए अभिभावकों को उन्हें स्कूल नहीं भेजने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की बात भी कही गई है।

CJM ने एसएसपी को लिखा पत्र

धमकी मिलने के बाद अयोध्या के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने न्यायालय के प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच कराने, संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तलाशी लेने तथा पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा।

इसके साथ ही बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते से नियमित जांच कराने, सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। 8 से 27 नवंबर तक विशेष सतर्कता बरतने और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की भी बात कही गई है।

अयोध्या की कचहरी में सघन चेकिंग

ई-मेल की जानकारी मिलने के बाद नगर कोतवाली और कैंट पुलिस की टीमें कचहरी परिसर पहुंचीं। प्रवेश द्वारों पर जांच की गई और परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। मेटल डिटेक्टर सहित सुरक्षा उपकरणों की जांच भी की गई। पुलिस ने बिना जांच किसी को परिसर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ई-मेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मामले की पड़ताल में जुटी हैं।

मथुरा और वाराणसी में भी बढ़ाई गई सुरक्षा

धमकी का असर दूसरे शहरों में भी देखने को मिला है। वाराणसी में मंदिरों, घाटों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस ने बाजारों और प्रमुख रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। होटल, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच करने को भी कहा गया है।

वहीं मथुरा में नगर निगम कार्यालय को भी धमकी भरा ई-मेल मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद मेयर कार्यालय, धार्मिक स्थलों और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने होटल, गेस्ट हाउस, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया।

फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां धमकी भरे संदेशों की सत्यता, उनके स्रोत और इनके पीछे किसी नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।