गोरखपुर में ब्लड तस्करी का खुलासा, कार से 100 यूनिट खून बरामद; दो आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अवैध रूप से ब्लड की तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक कार में रखी 100 यूनिट ब्लड बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह ब्लड मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से लाया जा रहा था और इसे गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक में सप्लाई किया जाना था।
पुलिस ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से बरामद ब्लड की सप्लाई के संबंध में जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से खून के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
कार में रखकर लाई जा रही थीं 100 यूनिट ब्लड
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कार के जरिए ब्लड की खेप लेकर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान कार से 100 यूनिट ब्लड बरामद हुई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह खेप मुरादाबाद स्थित एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से लाई जा रही थी। इसे गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ब्लड किस प्रक्रिया के तहत जारी किया गया था और इसकी ढुलाई के लिए जरूरी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
मुरादाबाद से गोरखपुर तक फैले नेटवर्क की जांच
इस मामले में पुलिस मुरादाबाद और गोरखपुर के बीच ब्लड की सप्लाई से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच का मुख्य पहलू यह है कि ब्लड किसके कहने पर भेजा गया था और इसे किन परिस्थितियों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा था।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं। ब्लड बैंक की भूमिका और सप्लाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
ब्लड की गुणवत्ता और वैधता की जांच जरूरी
ब्लड की खरीद-बिक्री और एक ब्लड बैंक से दूसरे स्थान तक उसकी आपूर्ति निर्धारित नियमों के तहत होती है। इसमें रक्त की जांच, सुरक्षित भंडारण, तापमान और परिवहन की व्यवस्था जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। नियमों का पालन नहीं होने पर मरीजों की सेहत को खतरा हो सकता है।
ऐसे में बरामद 100 यूनिट ब्लड की गुणवत्ता, उसकी जांच और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद ब्लड में कौन-कौन से ब्लड ग्रुप शामिल थे और उसकी जांच में क्या सामने आया है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के बाद ही इस कथित अवैध सप्लाई नेटवर्क की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।