यूपी में कमजोर सीटों और बूथों पर BJP की नजर, विनोद तावड़े ने पूछा- कहां हारे, क्यों हारे और अब क्या करेंगे?
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कमजोर माने जा रहे विधानसभा क्षेत्रों और बूथों पर रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने संगठन की बैठक में कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने नेताओं से यह जानने की कोशिश की कि पार्टी कहां हारी, हार के क्या कारण रहे और अब उन इलाकों में क्या रणनीति अपनाई जाएगी।
करीब 18 हजार कमजोर बूथों पर फोकस
बैठक में प्रदेश के करीब 18 हजार ऐसे बूथों को लेकर चर्चा हुई, जहां पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। इन बूथों के लिए अलग रणनीति तैयार किए जाने की बात सामने आई है। पार्टी स्तर पर इन क्षेत्रों की स्थिति का अलग-अलग विश्लेषण कर स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक योजना बनाने की तैयारी है।
इसके तहत बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति, पिछले चुनाव के प्रदर्शन और स्थानीय स्तर पर पार्टी की पहुंच जैसे मुद्दों की समीक्षा की जा रही है। नेताओं और कार्यकर्ताओं को कमजोर क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा है।
हार के कारणों की होगी समीक्षा
बैठक में विनोद तावड़े ने नेताओं से पिछले चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के कारणों पर जानकारी ली। उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि किन क्षेत्रों में पार्टी को नुकसान हुआ और उसके पीछे कौन-कौन से स्थानीय कारण रहे।
इसके साथ ही आने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। पार्टी अब कमजोर बूथों पर अलग-अलग रणनीति के जरिए संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी में है।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
बीजेपी की रणनीति में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य कमजोर माने जा रहे बूथों में अपनी गतिविधियां बढ़ाना और मतदाताओं तक संगठन की पहुंच को मजबूत करना है।
आने वाले दिनों में इन बूथों की समीक्षा के आधार पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। बैठक के बाद अब पार्टी संगठन की नजर उन क्षेत्रों पर है, जहां पिछले चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं रहा था।