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यूपी की 136 ग्राम पंचायतों में बड़ा घपला, 13.49 करोड़ की वसूली की तैयारी; प्रधान-सचिव कार्रवाई के घेरे में

 

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में ग्राम पंचायतों से जुड़े पुराने वित्तीय मामलों में बड़ा एक्शन शुरू हुआ है। वर्ष 2011-12 से 2018-19 के बीच जिले की 136 ग्राम पंचायतों में विकास बजट के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं का मामला अब वसूली तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंचायती राज विभाग ने करीब 13 करोड़ 49 लाख 46 हजार रुपये की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट यानी आरसी जारी की है। कार्रवाई की जद में 136 पूर्व ग्राम प्रधानों के साथ तत्कालीन पंचायत सचिव और अन्य अधिकारी भी हैं।

136 ग्राम पंचायतों में सामने आई गड़बड़ी

मामला कई साल पुराना बताया जा रहा है। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि के इस्तेमाल में नियमों का पालन नहीं किया गया। कई मामलों में खर्च का हिसाब और कार्यों से जुड़े दस्तावेज जांच के दौरान सवालों के घेरे में आए।

रिपोर्ट के अनुसार, जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद अब संबंधित लोगों से सरकारी धन की वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह मामला 136 ग्राम पंचायतों से जुड़ा होने के कारण जिले में पंचायत स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है।

प्रधानों और सचिवों से होगी वसूली

जारी वसूली आदेश के मुताबिक, तत्कालीन सचिवों से करीब 6 करोड़ 43 लाख 85 हजार 982 रुपये की वसूली प्रस्तावित है। वहीं पूर्व ग्राम प्रधानों से करीब 6 करोड़ 38 लाख 26 हजार 505 रुपये वसूल किए जाने हैं। इसके अलावा कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी कार्रवाई के दायरे में बताई गई है।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की भरपाई करना है। जिन लोगों पर जिम्मेदारी तय की गई है, उनके खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के तहत वसूली की जाएगी।

कई साल से चल रही थी जांच

यह मामला वर्ष 2011-12 से 2018-19 के बीच ग्राम पंचायतों में हुए खर्च से संबंधित है। यानी संबंधित विकास कार्यों और भुगतान को हुए कई साल बीत चुके हैं। अब जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वसूली के लिए आरसी जारी की गई है।

ऐसे मामलों में दस्तावेजों, भुगतान और संबंधित विकास कार्यों के रिकॉर्ड के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाती है। विभाग की कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के सामने सरकारी धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पंचायत स्तर पर बढ़ी जवाबदेही

ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली सरकारी धनराशि के खर्च में रिकॉर्ड और पारदर्शिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विभागीय आदेश, नियम और वित्तीय प्रावधान उपलब्ध हैं।

अंबेडकरनगर का यह मामला सामने आने के बाद पंचायतों में पुराने वित्तीय रिकॉर्ड और विकास कार्यों से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी निगरानी का मुद्दा अहम हो गया है। फिलहाल 136 ग्राम पंचायतों से जुड़े इस मामले में करीब 13.49 करोड़ रुपये की वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अंतिम जिम्मेदारी और वसूली की स्थिति संबंधित विभागीय एवं कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।