नकली नोट गिरोह का बड़ा खुलासा: खाना बनाने को लेकर विवाद में सरगना की हत्या, घरों से 28 लाख की फर्जी करेंसी बरामद
गुजरात के अहमदाबाद में नकली नोट छापने वाले गिरोह से जुड़े हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। थाना वटवा क्षेत्र में गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाने को लेकर हुए विवाद में सरगना की हत्या के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली करेंसी और नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।
हत्या की जांच में खुला फर्जी करेंसी रैकेट
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि गिरोह के सरगना की हत्या कर दी गई। मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए फतेहाबाद के दो युवकों से पूछताछ में नकली नोट छापने के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
घरों से मिली 28 लाख रुपये की नकली करेंसी
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
बरामद सामान में शामिल हैं—
- लैपटॉप
- प्रिंटर
- विशेष प्रकार का कागज
- प्रिंटिंग सामग्री
- नकली नोट तैयार करने के अन्य उपकरण
संगठित गिरोह होने की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि संगठित स्तर पर नकली नोटों का कारोबार करने वाला नेटवर्क हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी नोट कहां-कहां खपाए जा रहे थे और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान भी शुरू कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस की जांच तेज
अधिकारियों का कहना है कि बरामद लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि गिरोह का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से तो नहीं था।
इस कार्रवाई को नकली नोटों के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।