राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, 50 दिन नौकरी में 16 बार चोरी की कोशिश; 19 बार गैंग की मदद का आरोप
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी करने के मामले में पुलिस की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। चार्जशीट के मुताबिक आरोपी मनीष यादव ने मंदिर कर्मचारी के तौर पर महज 50 दिन काम किया, लेकिन इस दौरान उसने कथित तौर पर कई बार चढ़ावे की रकम पर हाथ साफ करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, मनीष ने 16 बार चढ़ावे की रकम चोरी करने का प्रयास किया और 19 बार गैंग के अन्य सदस्यों की मदद की।
मंदिर में नौकरी के दौरान बनाया नेटवर्क
पुलिस की जांच के अनुसार मनीष यादव ने मंदिर परिसर में कर्मचारी के तौर पर काम करते हुए चढ़ावे की रकम से जुड़ी व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित जानकारियां हासिल कीं। आरोप है कि उसने इसी जानकारी का इस्तेमाल गैंग के अन्य सदस्यों की मदद के लिए किया। चार्जशीट में उसके खिलाफ चोरी की कोशिश और गैंग के सदस्यों की सहायता करने से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है।
50 दिन में कई बार चोरी की कोशिश का दावा
चार्जशीट में पुलिस ने बताया है कि मनीष यादव ने मंदिर कर्मचारी के तौर पर करीब 50 दिन काम किया। इस अवधि में उसने कथित तौर पर 16 अलग-अलग मौकों पर चढ़ावे की रकम चोरी करने की कोशिश की। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने गैंग के सदस्यों को 19 बार मदद पहुंचाई।
जांच में सामने आई कई जानकारियां
पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर भी रहा कि मंदिर में काम करने वाले कर्मचारी किस तरह चढ़ावे की रकम और उससे जुड़ी व्यवस्था तक पहुंच रखते थे। चार्जशीट में आरोपी की भूमिका को इसी कड़ी में महत्वपूर्ण बताया गया है। जांच एजेंसियों ने मामले में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
चार्जशीट के आधार पर आगे बढ़ेगा मामला
पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अब अदालत में सुनवाई होगी। चार्जशीट में दर्ज आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा। मामले में पुलिस की जांच और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़े इस मामले ने मंदिर की सुरक्षा और कर्मचारियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।