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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात, NMC ने 100 अतिरिक्त MBBS सीटों की दी मंजूरी; अब बढ़ेंगी चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं

 

पीलीभीत-पूरनपुर मार्ग स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज को 100 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश और संचालन की अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ जाएगी और क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

जानकारी के अनुसार, एनएमसी की ओर से कॉलेज की व्यवस्थाओं, संसाधनों और शैक्षणिक सुविधाओं की समीक्षा के बाद यह अनुमति प्रदान की गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

अतिरिक्त 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिलने से न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र को अधिक डॉक्टर भी मिल सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में पहले से ही चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। नई सीटों की अनुमति के बाद कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ेगी, जिसके लिए शैक्षणिक और अन्य व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, एनएमसी के मानकों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसमें फैकल्टी, अस्पताल सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य जरूरी संसाधनों को मजबूत किया गया है।

इस उपलब्धि के बाद स्थानीय लोगों में भी खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ने से जिले और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को अपने ही क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि नए मेडिकल कॉलेजों और सीटों में बढ़ोतरी से देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही ग्रामीण और छोटे शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को मिली यह मंजूरी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 100 अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इससे संस्थान की पहचान चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।