अंसल बिल्डर पर बड़ा आरोप: आवंटियों के अरबों रुपये के प्लॉट एलडीए में रखे बंधक, मचा हड़कंप
रियल एस्टेट कंपनी Ansal API से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी ने आवंटियों के अरबों रुपये मूल्य के प्लॉटों को अपनी संपत्ति बताकर Lucknow Development Authority (एलडीए) में बंधक रख दिया। मामले के सामने आने के बाद प्रभावित आवंटियों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है।
फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री के बाद भी रखे गए बंधक
जानकारी के अनुसार, जिन प्लॉटों की वर्ष 2016 में फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री हो चुकी थी, उन्हें वर्ष 2019 में बंधक रखे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रजिस्ट्री होने के बाद भी बिल्डर ने इन भूखंडों को अपनी जमीन दर्शाकर बंधक प्रक्रिया पूरी कराई।
आवंटियों के अधिकारों पर उठे सवाल
मामले ने उन हजारों आवंटियों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने वर्षों पहले प्लॉट खरीदकर रजिस्ट्री कराई थी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह संपत्ति अधिकारों और भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला माना जाएगा।
जांच की मांग तेज
आवंटी और संबंधित पक्ष इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि जिन प्लॉटों का स्वामित्व खरीदारों के नाम दर्ज हो चुका था, उन्हें बंधक रखने की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं की पड़ताल
मामले के सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो इससे जुड़े पक्षों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पूरे प्रकरण को लेकर आवंटियों की नजर जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।