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10 साल पुराने नोटबंदी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, EOU ने फरार आरोपी को बैंक से दबोचा

 

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने करीब 10 साल पुराने नोटबंदी से जुड़े चर्चित घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अरविंद कुमार को झारखंड के कोडरमा स्थित बैंक ऑफ इंडिया से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है।

ईओयू के अनुसार, अरविंद कुमार काफी समय से फरार था और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने झारखंड के कोडरमा स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में छापेमारी की, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी का नाम नोटबंदी घोटाले से जुड़े मामले में सामने आया था। उस पर अवैध तरीके से नोटों के लेनदेन और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है। मामले की जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी थे।

ईओयू अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अवैध लेनदेन का नेटवर्क किस तरह संचालित किया गया था।

बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

आर्थिक अपराध इकाई वित्तीय अपराधों और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच के लिए जिम्मेदार विशेष एजेंसी है। इस कार्रवाई से यह संकेत भी मिला है कि वर्षों पुराने मामलों में भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान जारी है।

फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। ईओयू का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।