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हेल्थ सप्लीमेंट लेने वाले सावधान! 13 जिलों में छापेमारी, संदिग्ध सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स मिले

 

हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सावधान करने वाली खबर सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने प्रदेश के 13 जिलों में छापेमारी कर कई संदिग्ध हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स बरामद किए हैं। कार्रवाई के बाद संबंधित उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इनमें निर्धारित मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रहे ऐसे हेल्थ सप्लीमेंट्स की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच करना है, जिनका इस्तेमाल लोग विटामिन, प्रोटीन, मिनरल्स या अन्य पोषक तत्वों की कमी पूरी करने के लिए करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बिना जांच या संदिग्ध स्रोत से आने वाले उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।

13 जिलों में हुई कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अलग-अलग टीमों ने 13 जिलों में दुकानों, प्रतिष्ठानों और संबंधित स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई उत्पादों को संदिग्ध मानते हुए उनके सैंपल लिए गए। कुछ उत्पादों की पैकेजिंग, लेबल, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी की जानकारी भी जांची गई।

अधिकारियों ने बताया कि हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स को लेकर निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। किसी भी उत्पाद में गलत जानकारी, मानकों के विपरीत सामग्री या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनी या विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

छापेमारी के दौरान लिए गए नमूनों को जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि किसी उत्पाद में मिलावट, प्रतिबंधित पदार्थ, गलत लेबलिंग या निर्धारित गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।

सप्लीमेंट खरीदते समय रखें सावधानी

विशेषज्ञों के मुताबिक, लोगों को हेल्थ सप्लीमेंट खरीदते समय केवल विज्ञापन या सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। उत्पाद की पैकेजिंग, लाइसेंस संबंधी जानकारी, बैच नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तारीख जरूर जांचनी चाहिए। किसी भी सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना अधिक उचित है।

खास तौर पर ऐसे उत्पादों से सावधान रहने की जरूरत है जो बहुत कम समय में तेजी से वजन घटाने, मांसपेशियां बढ़ाने या किसी बीमारी को पूरी तरह ठीक करने जैसे बड़े दावे करते हैं। जांच एजेंसियों की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी करना और उपभोक्ताओं को संभावित जोखिम से बचाना है।