लखनऊ में बेलगाम ई-रिक्शों पर लगेगी लगाम, हाईकोर्ट में सरकार ने दी जानकारी; नियंत्रण के लिए बनी समिति
राजधानी लखनऊ में बढ़ती ई-रिक्शों की संख्या और उनसे जुड़ी यातायात समस्याओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ई-रिक्शों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। राज्य सरकार की ओर से यह जानकारी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई के दौरान दी गई।
दरअसल, राजधानी की विभिन्न समस्याओं को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने शहर में ई-रिक्शों के बढ़ते संचालन और उससे पैदा हो रही परेशानियों को लेकर जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ई-रिक्शों के नियंत्रण के लिए समिति गठित कर दी गई है।
यातायात व्यवस्था पर बढ़ रहा दबाव
लखनऊ में बड़ी संख्या में ई-रिक्शों का संचालन हो रहा है। कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और व्यस्त इलाकों में इनके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सड़कों पर ई-रिक्शों की बेतरतीब आवाजाही से जाम की स्थिति बनने के साथ ही अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ई-रिक्शों के संचालन को लेकर रूट, संख्या और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी दिशा में अब समिति के गठन को अहम कदम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका पर सुनवाई
राजधानी की विभिन्न समस्याओं को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसी क्रम में सरकार ने अदालत को समिति के गठन की जानकारी दी।
अब समिति ई-रिक्शों के संचालन से जुड़ी समस्याओं का अध्ययन कर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुझाव दे सकती है। इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने और ई-रिक्शों के अनियंत्रित संचालन पर रोक लगाने की उम्मीद है।