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रक्षाबंधन से पहले उजड़ा बहन का संसार, बोली- ‘भाई के लिए बनाई थी राखी, अब कभी नहीं बांध पाऊंगी’

 

रक्षाबंधन का त्योहार आने से पहले एक बहन की खुशियां मातम में बदल गईं। सात साल पहले मां को खोने के बाद तीनों भाई-बहन अलग-अलग रिश्तेदारों के घर रहकर पढ़ाई कर रहे थे। पिता काम के सिलसिले में हैदराबाद चले गए थे। त्योहारों के मौके पर ही परिवार एक साथ जुटता था और भाई-बहन पिता के साथ मिलकर खुशियां मनाते थे।

बहन ने बताया कि रक्षाबंधन आने वाला था। उसने अपने दोनों भाइयों सरस और शिव नारायण के लिए अपने हाथों से राखियां बनाई थीं। उसे उम्मीद थी कि इस बार भी वह भाइयों की कलाई पर राखी बांधेगी और परिवार साथ मिलकर त्योहार मनाएगा। लेकिन शनिवार रात हुई घटना ने उसकी सारी उम्मीदें छीन लीं।

बहन ने दर्द भरे शब्दों में कहा, “बदमाशों ने शनिवार रात 8 बजे मेरे भाई सरस को हमेशा के लिए छीन लिया। अब उससे कभी मिल नहीं पाऊंगी।” भाई की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई हैं।

परिवार के अनुसार, मां की मौत के बाद भाई-बहनों ने मुश्किल हालातों में अपनी पढ़ाई जारी रखी। तीनों अलग-अलग जगह रहकर पढ़ाई कर रहे थे। पिता परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए हैदराबाद में काम करने लगे। हालांकि, त्योहारों और खास मौकों पर पूरा परिवार एक साथ आता था।

रक्षाबंधन जैसे त्योहार से पहले भाई को खोने का दर्द बहन के लिए असहनीय है। जिस राखी को वह भाई की लंबी उम्र और खुशियों की कामना के साथ तैयार कर रही थी, अब वही राखी उसकी आंखों में आंसू ला रही है।

घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों के बीच परिवार के बिछड़ने की पीड़ा को सामने ला दिया है। बहन के लिए रक्षाबंधन अब हमेशा भाई की यादों और अधूरी रह गई उस राखी से जुड़ा रहेगा, जिसे वह इस बार अपने भाई की कलाई पर नहीं बांध पाएगी।