बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, करेंगे हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री को सोमवार देर रात निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने उनके निलंबन का आदेश तुरंत जारी कर दिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया है।
अलंकार अग्निहोत्री अपने इस्तीफे और प्रशासन पर लगाए गए आरोपों पर अब भी अड़े हुए हैं। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वे निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक अपनी चुनौती पेश करेंगे। उनके इस कदम से प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
अधिकारियों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों के विरोध और प्रशासनिक निर्णयों के खिलाफ अपने विचार सार्वजनिक रूप से व्यक्त किए थे। इसके बाद उनकी कार्रवाई को देखते हुए उन्हें निलंबित किया गया है।
पीसीएस अफसर ने कहा कि उनका विरोध केवल नियमों के लागू होने के तरीके और शिक्षा के हित में है। उन्होंने दावा किया कि उनका इस्तीफा और आरोप वाजिब हैं और वे न्यायपालिका के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में निलंबन और इस्तीफा दोनों ही संवेदनशील कदम होते हैं। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने की प्रक्रिया से मामला कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से लंबा खिंच सकता है।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन अलंकार अग्निहोत्री के निलंबन के बाद प्रदेश में यूजीसी नियमों के विरोध का मुद्दा और गरमाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निगरानी की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अलंकार अग्निहोत्री की स्थिति ने शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में नियमों और अधिकारियों के अधिकारों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना बाकी है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उनकी चुनौती किस दिशा में जाएगी और इसका असर प्रदेश के शिक्षा और प्रशासनिक माहौल पर क्या होगा।