‘कयामत तक बाबरी के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा’, बाराबंकी में बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बाबरी मस्जिद के ढांचे को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि कयामत के दिन तक बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा, “हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर वहीं बन गया। आज भी हम यही कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण नहीं होगा। जो लोग इसके लिए कयामत का सपना देख रहे हैं, वह दिन कभी नहीं आएगा।”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जो बोलती है, वही कर दिखाती है। उन्होंने कहा, “हमने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हमारी सरकार के काम हमेशा शब्दों के अनुरूप रहते हैं।”
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषक मानते हैं कि मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक संदेश के साथ-साथ धार्मिक रुख को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि सरकार बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के पक्ष में नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि सरकार साफ नीति और निर्णायक रुख के साथ काम कर रही है और किसी भी विवाद को लेकर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस बयान के बाद बाराबंकी में मौजूद जनता और भाजपा समर्थकों में संतोष का माहौल देखा गया। लोग मान रहे हैं कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट शब्दों ने विवाद और संदेह को खत्म किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान चुनावी साल में राजनीतिक रणनीति के दृष्टिकोण से भी अहम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बाराबंकी से अपने एजेंडे और नीतिगत रुख को स्पष्ट किया, जिससे सार्वजनिक समर्थन और राजनीतिक संदेश दोनों एक साथ जाता है।
साथ ही, यह बयान राम मंदिर निर्माण के बाद बाबरी मस्जिद से जुड़े चर्चाओं को खत्म करने का प्रयास भी माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि सरकार की नीति और दिशा दोनों स्पष्ट हैं और किसी भी विवाद में समझौता नहीं होगा।
इस प्रकार, बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सख्त, स्पष्ट और निर्णायक माना जा रहा है। उन्होंने जनता के सामने यह स्पष्ट किया कि बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का मुद्दा कयामत तक लागू नहीं होगा।
इस बयान के बाद राज्य और देशभर में राजनीतिक और धार्मिक चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन और स्थानीय नागरिक फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।