अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज, वीडियो में जाने एसआईटी ने ट्रस्ट अधिकारियों से की पूछताछ
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावे (दान) की कथित चोरी के मामले की जांच अब तेज हो गई है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन विशेष जांच टीम (SIT) मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को जांच के दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और डॉ. गौरव ग्रोवर भी टीम के साथ मौजूद रहे। टीम ने मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ जारी रखी और दान संग्रह से जुड़े रिकॉर्ड, प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।
इससे पहले जांच के पहले दिन एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी लंबी पूछताछ की थी। उनसे चढ़ावे की व्यवस्था, संग्रह प्रक्रिया और रिकॉर्ड रखरखाव को लेकर कई सवाल किए गए। इसके अलावा ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव को भी एसआईटी ने बुलाकर उनसे अलग-अलग बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए थे।जांच टीम ने अब तक कुल 42 कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। इन कर्मचारियों में दान काउंटर पर तैनात स्टाफ से लेकर सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे की रकम के संग्रह, गिनती और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।
फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन जांच एजेंसियों की सक्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि आगे बड़ी कार्रवाई हो सकती है। जानकारी के अनुसार, आज यानी मंगलवार को इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इसी बीच, धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने स्थानीय थाने में इस मामले को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिसको लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और जांच एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं। राम मंदिर परिसर में आने वाले भारी चढ़ावे और उसकी पारदर्शी व्यवस्था को लेकर पहले से ही सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं, लेकिन अब सामने आए इस विवाद ने प्रबंधन व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित दस्तावेजों और कर्मचारियों के बयानों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला धार्मिक आस्था और बड़े पैमाने पर होने वाले दान से जुड़ा हुआ है।