×

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा बदलाव, वीडियो में जाने चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर; कृष्ण मोहन बने कार्यवाहक महासचिव

 

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंपत राय की जगह रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट की पहली बैठक करीब 3 घंटे तक चली। बैठक में मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की गई।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/sqRBmMAom0o?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/sqRBmMAom0o/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

चंपत राय बोले- अपराधी पकड़े जाने तक पद पर रहना उचित नहीं

बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि चंपत राय ने खुद कहा कि जब तक चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक पद पर बने रहना सही नहीं है।उन्होंने कहा कि चंपत राय ने घटना को बेहद कष्टदायी बताया है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी जैसी घटना से सभी लोग दुखी हैं और यह बेहद लज्जाजनक है।

ट्रस्ट संविधान के अनुसार स्वीकार किया गया इस्तीफा

बैठक में ट्रस्टी के. पाराशरन ने कहा कि ट्रस्ट के संविधान में प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो उसे स्वीकार किया जा सकता है। इसी नियम के तहत चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर किया गया।

नए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कही ये बात

नए कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने माना कि प्रबंधन की कुछ कमियों का फायदा उठाकर यह घटना हुई।उन्होंने कहा कि मंदिर व्यवस्था में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद समाज में जो अविश्वास पैदा हुआ है, उसे फिर से विश्वास में बदला जाएगा।

प्रबंधन व्यवस्था में सुधार पर जोर

बैठक में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर चर्चा की। सुरक्षा, निगरानी और चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर नए कदम उठाने की बात कही गई है।राम मंदिर से जुड़ी इस घटना के बाद ट्रस्ट की ओर से उठाया गया यह पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।