इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंचा मामला, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंच गया है, जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है।
यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। याचिका में गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि इस प्रार्थना पत्र पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, याचिका में कहा गया है कि आरोप निराधार हैं और आवेदक जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। साथ ही अदालत से अनुरोध किया गया है कि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया जाए।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद यह मामला चर्चाओं में बना हुआ है। अब हाई कोर्ट में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका के बाद सभी की नजर अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों और आवेदक के पक्ष को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। यदि अदालत को प्रथम दृष्टया गिरफ्तारी की आवश्यकता न लगे तो राहत मिल सकती है, अन्यथा जांच एजेंसियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
फिलहाल इस प्रकरण में कानूनी प्रक्रिया जारी है और हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद ही अगला घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।