UP NEET टॉपर बने वाराणसी के आर्यन दुबे, 720 में से 710 अंक हासिल कर किया कमाल; ऑल इंडिया रैंक 7
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में उत्तर प्रदेश के आर्यन दुबे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में टॉप किया है। आर्यन ने 720 में से 710 अंक हासिल किए हैं। उन्हें 99.99965 पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ है, जबकि उनकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7 रही है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और पूरे वाराणसी में खुशी का माहौल है।
अनुशासन और एकाग्रता बनी सफलता की कुंजी
आर्यन दुबे का मानना है कि उनकी सफलता के पीछे अनुशासन और एकाग्रता सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और समय का बेहतर प्रबंधन अपनाकर यह मुकाम हासिल किया।
आर्यन ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाए रखी और पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखा।
दो साल की मेहनत लाई रंग
आर्यन पिछले दो वर्षों से NEET-UG की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने लगातार अभ्यास, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन किया। कठिन विषयों पर विशेष फोकस और नियमित रिवीजन उनकी तैयारी का अहम हिस्सा रहा।
उनकी मेहनत का परिणाम अब पूरे प्रदेश में टॉप रैंक और देशभर में सातवीं रैंक के रूप में सामने आया है।
परिवार और शिक्षकों में खुशी
आर्यन की सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार ने इसे वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम बताया। शिक्षकों ने भी आर्यन की लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की सराहना करते हुए कहा कि वह शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहे हैं।
मेडिकल क्षेत्र में बनाना चाहते हैं करियर
आर्यन का सपना एक सफल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उनका कहना है कि डॉक्टर का पेशा केवल एक करियर नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने और उनकी सेवा करने का माध्यम है।
प्रतियोगी छात्रों को दी सलाह
आर्यन ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी कि वे किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई, सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
वाराणसी के आर्यन दुबे की यह उपलब्धि उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित दिनचर्या और लगातार मेहनत से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।