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सचेंडी कांड का एक और वीडियो आया सामने, दारोगा अमित मौर्य या शिवबरन… गैंगरेप पीड़िता ने किसको बताया आरोपी?

 

उत्तर प्रदेश के कानपुर में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के आरोपी सब-इंस्पेक्टर अभी भी फरार है। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पनकी के ACP शिखर को सस्पेंड कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता सोमवार रात करीब 10 बजे अपने घर से निकली थी। एक काली स्कॉर्पियो कार उसके पास आई। कार से दो युवक उतरे और उसे जबरदस्ती कार में बिठा लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, आरोपी उसे रेलवे लाइन के पास एक सुनसान इलाके में ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता का आरोप है कि कार में करीब दो घंटे तक उसके साथ रेप किया गया।

नाबालिग लड़की से गैंगरेप

इस दौरान वह रोती रही, लेकिन आरोपियों को कोई रहम नहीं आया। फिर आरोपियों ने पीड़िता को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंक दिया और भाग गए। इसके बाद परिवार बेटी को अंदर ले गया। होश में आने के बाद लड़की ने अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़िता के भाई ने तुरंत 112 पर कॉल करके अपनी बहन के साथ हुई हैवानियत की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता, उसके भाई और दूसरे लोगों को भीमसेन पुलिस स्टेशन ले गई।

सब-इंस्पेक्टर पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित
बताया जा रहा है कि पीड़िता के भाई ने जैसे ही बताया कि आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी है, वह पुलिस स्टेशन से भाग गया। आरोपियों की पहचान सब-इंस्पेक्टर अमित मौर्य और शिवबरन यादव के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सस्पेंड किया गया सब-इंस्पेक्टर अभी भी फरार है। पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। गैंगरेप से जुड़े दो वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

दो वीडियो वायरल
यह वीडियो घटना के अगले दिन यानी मंगलवार का बताया जा रहा है। एक वीडियो में पीड़िता, उसका भाई, उसके पिता, आरोपी सब-इंस्पेक्टर अमित मौर्य, उसका साथी शिवबरन और एक और पुलिसकर्मी दिख रहे हैं। वीडियो में पीड़िता का भाई एक पुलिस अधिकारी को पूरी घटना के बारे में बताता दिख रहा है। इस दौरान पीड़िता शिवबरन को पहचानती है, लेकिन वह आरोपी इंस्पेक्टर को नहीं पहचान पाती है।

आरोपी इंस्पेक्टर सफाई देता हुआ दिख रहा है।

पीड़िता का भाई शिवबरन की ओर इशारा करते हुए कहता है, "हम दूसरे आदमी को भी नहीं जानते। वह (शिवबरन) उसके साथ था। मैंने दूसरे आदमी का चेहरा नहीं देखा।" एक और वीडियो में आरोपी इंस्पेक्टर शिवबरन भी पीड़िता और उसके भाई के साथ दिख रहा है। इस वीडियो में पीड़िता शिवबरन को पहचानती है। वीडियो में आरोपी इंस्पेक्टर अमित मौर्य पीड़िता से कहता है कि वह RPF इंस्पेक्टर के साथ पेट्रोलिंग पर गया था और उसने शिवबरन को बुलाया था। इस आदमी की पहचान जांच के बाद ही पता चलेगी।