बदायूं में पशुप्रेमियों ने पकड़ी डीसीएम, पुलिस पर खुद क्रेडिट लेने का आरोप; सूचना देने वाले को हवालात में डालने की शिकायत
उत्तर प्रदेश के बदायूं में पशुओं से जुड़े एक मामले को लेकर विवाद सामने आया है। पशुप्रेमियों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक डीसीएम को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन बाद में पुलिस ने कार्रवाई का श्रेय खुद ले लिया। इतना ही नहीं, मामले की जानकारी पुलिस को देने वाले व्यक्ति को ही हवालात में डालने का आरोप भी लगाया गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।
मामले ने पशुप्रेमियों और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पशुओं से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उन्होंने सक्रियता दिखाई और डीसीएम को पकड़ने में मदद की। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई में सहयोग करने के बावजूद उन्हें उचित श्रेय नहीं दिया गया।
पशुप्रेमियों ने कार्रवाई में भूमिका निभाने का किया दावा
जानकारी के अनुसार, बदायूं में पशुप्रेमियों ने एक डीसीएम को पकड़ने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि वाहन के संबंध में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई या मामले को लेकर पुलिस की भूमिका सामने आई।
पशुप्रेमियों का आरोप है कि घटनाक्रम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई का श्रेय स्वयं ले लिया। हालांकि, मामले में डीसीएम के अंदर क्या सामान या पशु मौजूद थे, वाहन कहां से आ रहा था और कहां जा रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना जरूरी है।
सूचना देने वाले को हवालात में रखने का आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि पुलिस को जानकारी देने वाले व्यक्ति को ही हवालात में डाल दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया।
उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देकर पुलिस की मदद की है, तो उसके साथ हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेने के कारणों और पुलिस का पक्ष अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही सामने आ सकेगी।
प्रमुख सचिव और डीजीपी से शिकायत
पशुप्रेमियों की ओर से इस प्रकरण को लेकर प्रमुख सचिव और डीजीपी से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत के माध्यम से कथित घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई पर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।
अब मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। यदि शिकायत की जांच होती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि डीसीएम को पकड़ने में किसकी क्या भूमिका रही और सूचना देने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेने के पीछे क्या कारण थे।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पशुप्रेमियों के आरोपों और पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बीच स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। निष्पक्ष जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।