मुलायम सिंह यादव पर अमित शाह के बयान से गरमाई सियासत, अखिलेश यादव का पलटवार; बोले- हार-जीत भाषणों से तय नहीं होती
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुलायम सिंह यादव पर दिए गए बयान के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार और जीत भाषणों से तय नहीं होती, बल्कि जनता के फैसले से तय होती है।
अमित शाह के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच पहले से जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुलायम सिंह यादव का नाम सामने आने से सियासी माहौल और गरमा गया है। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि चुनावी राजनीति में नेताओं के भाषणों से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का विश्वास और जमीनी मुद्दे होते हैं।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी नतीजे भाषणों और दावों से तय नहीं होते। जनता अपने अनुभव, समस्याओं और सरकार के कामकाज के आधार पर फैसला करती है। उन्होंने भाजपा को निशाने पर लेते हुए संकेत दिया कि राजनीतिक बयानबाजी से जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से नहीं हटाया जा सकता।सपा प्रमुख का यह पलटवार ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार तेज हो रहा है। दोनों दल आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं।
मुलायम सिंह यादव का नाम आने से बढ़ी राजनीतिक हलचल
मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की स्थापना कर प्रदेश की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई थी। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और राजनीतिक फैसलों का प्रभाव लंबे समय तक राज्य की राजनीति में देखने को मिला।ऐसे में मुलायम सिंह यादव को लेकर किसी भी बड़े भाजपा नेता का बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। समाजवादी पार्टी के लिए मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत और विचारधारा आज भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। अखिलेश यादव लगातार पार्टी को उसी राजनीतिक आधार पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा-सपा के बीच बढ़ सकती है बयानबाजी
अमित शाह के बयान और अखिलेश यादव के पलटवार के बाद आने वाले दिनों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता रहा है।फिलहाल अखिलेश यादव के बयान से यह स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी भाजपा की राजनीतिक बयानबाजी का जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।