गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में NCC कैडेट के साथ कथित यौन शोषण, पुलिस ने मामला दर्ज किया
अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक NCC कैडेट युवती के साथ कथित रूप से ट्रेन के टीटीई ने यौन शोषण किया। पीड़िता परीक्षा देने के लिए मऊ जा रही थी और लौटते समय ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण वह बिना टिकट यात्रा कर रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती AC कोच में खड़ी थी और टिकट न होने के कारण टीटीई ने उसे सीट दिलाने का बहाना बनाकर केबिन में ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान युवती के साथ कथित रूप से अश्लील हरकत की गई। घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने ट्रेन में ही हंगामा किया और मामले की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की।
युवती के परिजनों ने मीडिया को बताया कि यह घटना उसके लिए बेहद दर्दनाक और मानसिक रूप से परेशान करने वाली रही। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बेटी केवल परीक्षा देने गई थी और ट्रेन में होने वाली भीड़ के कारण टिकट नहीं ले पाई।
रेलवे पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीटीई के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर ली है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी कहा कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा और मानसिक सहारा प्रदान किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है और ट्रैवलिंग के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने तुरंत संबंधित टीटीई को निलंबित कर दिया है और आगे की जांच रेलवे सुरक्षा बलों के सहयोग से की जा रही है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि अगर वे ऐसी किसी भी घटना के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष साक्षी हों तो तुरंत पुलिस या रेलवे अधिकारियों को सूचित करें।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएँ न केवल पीड़िता के लिए मानसिक और भावनात्मक संकट पैदा करती हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और भरोसे की समस्या भी उजागर करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और युवतियों के लिए सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने की जरूरत है।
पीड़िता ने मीडिया से कहा कि उसका उद्देश्य केवल न्याय पाना है और वह चाहती है कि उसके साथ हुए अपराध को सार्वजनिक किया जाए ताकि भविष्य में अन्य युवतियों को इस प्रकार की घटनाओं का सामना न करना पड़े।
घटना ने यह स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारियों की जिम्मेदारी और समाज की जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रेलवे प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रित किया है, लेकिन इस घटना से यात्रा करने वाली युवतियों के मन में सुरक्षा के सवाल और चिंता की भावना उत्पन्न हुई है।