राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप, 2025 में ही मिले थे संकेत; जांच तेज होने की चर्चा
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी का मामला अब नए खुलासों के साथ और गंभीर होता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस तरह की गड़बड़ी के संकेत अप्रैल 2025 में ही मिल गए थे, जिसके बाद आंतरिक स्तर पर निगरानी और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, चढ़ावे के प्रबंधन और रिकॉर्ड में कुछ अनियमितताओं की आशंका सामने आने के बाद ट्रस्ट स्तर पर संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि वास्तव में कितना और किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
सूत्रों का कहना है कि शुरुआती संकेत मिलने के बाद व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक बदलावों पर भी विचार किया गया। मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाने की बात भी सामने आई है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। कई लोग इसे गंभीर प्रशासनिक चूक के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
वहीं, ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मंदिर से जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियां पारदर्शी तरीके से संचालित की जाती हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी की पुष्टि स्वतंत्र जांच के बाद ही की जा सकती है।
फिलहाल मामले की जांच प्रक्रिया जारी होने की बात कही जा रही है और सभी की नजरें आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं।