अलीगढ़ में सिगरेट 20 रुपए महंगी बेचने पर बड़ा फैसला, वीडियो में जाने दुकानदार और कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के Aligarh में सिगरेट के एक पैकेट को निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचने के मामले में उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दुकानदार और संबंधित सिगरेट बनाने वाली कंपनी दोनों पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।मामला तब सामने आया जब एक ग्राहक ने आरोप लगाया कि सिगरेट पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 340 रुपये लिखा होने के बावजूद उससे 360 रुपये वसूले गए। ग्राहक ने भुगतान ऑनलाइन किया था और बाद में उसका प्रिंटआउट निकालकर Consumer Forum Court में शिकायत दर्ज कर दी।
शिकायत पर करीब पांच महीने तक चली सुनवाई के बाद 16 जून को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि कंपनियां अपने उत्पाद के माध्यम से हो रही अनियमित वसूली से जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकतीं। अदालत ने इसे उपभोक्ताओं के साथ “छिपी हुई लूट” और अनुचित व्यापार व्यवहार करार दिया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि उत्पाद बनाने वाली कंपनी भी मूल्य निर्धारण और बाजार में उसकी निगरानी के लिए जिम्मेदार होती है। इसी आधार पर दोनों पर संयुक्त रूप से भारी जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा अदालत ने आदेश दिया कि ग्राहक से वसूले गए अतिरिक्त 20 रुपये को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस किया जाए। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 5,000 रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में अतिरिक्त 5,000 रुपये भी पीड़ित को देने का निर्देश दिया गया।अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं आम उपभोक्ताओं के विश्वास को प्रभावित करती हैं और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। फैसले में यह भी संकेत दिया गया कि छोटी रकम की वसूली भी कानून के तहत गंभीर अनियमितता मानी जा सकती है। यह मामला अब उपभोक्ता अधिकारों और बाजार में मूल्य नियंत्रण को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले भविष्य में दुकानदारों और कंपनियों को अधिक सतर्क करेंगे और उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाएंगे।