इस्तीफे के दूसरे दिन आक्रामक दिखे अलंकार अग्निहोत्री, समर्थकों के साथ बैठक से पहले ही हाउस अरेस्ट
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के दूसरे दिन मंगलवार को अलंकार अग्निहोत्री का तेवर आक्रामक नजर आया। सुबह के समय उन्हें उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस कारण वे अपने समर्थकों के साथ प्रस्तावित बैठक नहीं कर पाए। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। इसके अगले ही दिन उनके आवास पर बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसी के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुबह ही उनके आवास पर निगरानी बढ़ा दी और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया।
मंगलवार सुबह जब समर्थक उनके आवास पर पहुंचने लगे, तो पुलिस ने उन्हें अंदर प्रवेश करने से भी रोक दिया। अलंकार अग्निहोत्री समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करना चाहते थे, लेकिन हाउस अरेस्ट के चलते यह बैठक नहीं हो सकी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक बताया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन का कहना है कि इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन में लोगों के जुटने से शहर में तनाव की स्थिति बन सकती थी। इसी आशंका के चलते उन्हें अस्थायी रूप से हाउस अरेस्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति सामान्य होने पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद अलंकार अग्निहोत्री के समर्थकों में नाराजगी देखी गई। कुछ समर्थकों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बैठक करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने अनावश्यक सख्ती दिखाई। वहीं, विरोधी पक्ष इसे प्रशासनिक अनुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने से जोड़कर देख रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा और उसके बाद की घटनाएं आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक रूप ले सकती हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से समर्थकों की सक्रियता बढ़ रही है, उससे यह मामला केवल प्रशासनिक न रहकर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
फिलहाल, बरेली में हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कुल मिलाकर, सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनती नजर आ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और प्रशासन व अलंकार अग्निहोत्री के बीच संवाद का कोई रास्ता निकलता है या नहीं।