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राम मंदिर CEO नियुक्ति के बीच अखिलेश यादव का तंज, बोले- नई चीजों से पुरानी बातें नहीं भूलेंगे

 

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर से जुड़े पुराने विवादों को लेकर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने चढ़ावे और दान की कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई व्यवस्थाएं शुरू होने से पुरानी बातें नहीं भुलाई जा सकतीं।

सपा प्रमुख ने कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति विशेष से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से राम धन के साथ हुआ, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया, जबकि बड़े लोगों पर सवाल बने हुए हैं।

CEO नियुक्ति के बीच उठाया पुराना मुद्दा

श्रीराम मंदिर के संचालन को बेहतर बनाने के लिए ट्रस्ट ने पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की है। इस पद पर एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। ट्रस्ट की ओर से यह कदम मंदिर प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

इसी बीच अखिलेश यादव ने CEO नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नई चीजें आने से पुरानी घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

'सामान्य कर्मचारियों को जेल भेज दिया'

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर किसी मामले में बड़े लोगों को क्लीन चिट दी गई है तो फिर छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में राम धन के साथ किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अयोध्या के विकास को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर जमीन से जुड़े विवाद भी सामने आए हैं और सरकार को इन मामलों पर ध्यान देना चाहिए।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई बयानबाजी

राम मंदिर देश की आस्था से जुड़ा बड़ा विषय रहा है और इससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। CEO नियुक्ति के बाद जहां ट्रस्ट की ओर से बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं विपक्ष पुराने विवादों को लेकर सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राम मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। वहीं ट्रस्ट की ओर से नई प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए मंदिर संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी की जा रही है।