यूपी की राजनीति में हलचल, अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक का किया एलान, पोस्ट को लेकर मचा विवाद
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी एवं भारतीय जनता पार्टी की नेत्री अपर्णा यादव से तलाक लेने का एलान किया है। यह जानकारी प्रतीक यादव के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर किए गए एक पोस्ट के जरिए सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे पोस्ट में प्रतीक यादव ने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपर्णा यादव से अलग होने की बात कही है। पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोग इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे। खासतौर पर इसलिए भी यह मामला सुर्खियों में है क्योंकि अपर्णा यादव न सिर्फ एक राजनीतिक हस्ती हैं, बल्कि समाजवादी परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने हाल के वर्षों में भाजपा का दामन थामा था।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब नया मोड़ आ गया है। अपर्णा यादव के भाई ने इस पोस्ट को पूरी तरह से खारिज करते हुए दावा किया है कि प्रतीक यादव का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि तलाक को लेकर जो भी पोस्ट सामने आई है, वह उनकी जानकारी या सहमति से नहीं की गई है। अपर्णा के भाई के अनुसार, इस मामले को लेकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
इस दावे के बाद पूरे मामले को लेकर स्थिति और भी अस्पष्ट हो गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वाकई यह पोस्ट प्रतीक यादव द्वारा किया गया था या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा है। फिलहाल न तो प्रतीक यादव की ओर से और न ही अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है, जिससे स्थिति साफ हो सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक पारिवारिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। अखिलेश यादव और अपर्णा यादव के अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर होने के कारण यह खबर और ज्यादा संवेदनशील बन गई है। ऐसे में तलाक की खबर अगर सही साबित होती है तो इसका असर दोनों दलों की राजनीति पर भी पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर भी लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग इस खबर को निजी मामला बताते हुए संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव या साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल पूरा मामला इंस्टाग्राम पोस्ट और अकाउंट हैक होने के दावे के बीच उलझा हुआ है। जब तक संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक इस खबर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर हलचल जरूर पैदा कर दी है।