×

भाजपा शासन में हर वर्ग परेशान, सिर्फ ब्राह्मण समाज नहीं: अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोग परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हुई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग वर्गों के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने समाज के हर तबके को निराश किया है और जनता अब बदलाव चाहती है।

बिकरू कांड का किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने कानपुर के चर्चित बिकरू कांड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल रही है और आज भी कई मामलों में लोगों को न्याय का इंतजार है।

अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा भी उठाया

सपा प्रमुख ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक और सामाजिक मामलों में भी सरकार का रवैया सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, वे भी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं।

भाजपा पर लगाए कई आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार समाज को बांटने की राजनीति कर रही है, जबकि प्रदेश की जनता रोजगार, शिक्षा, महंगाई और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं जैसे बुनियादी मुद्दों का समाधान चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान, युवा, व्यापारी, कर्मचारी और आम नागरिक सभी किसी न किसी समस्या से जूझ रहे हैं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि केवल एक वर्ग ही परेशान है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मोर्चों पर सवाल उठाए और प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक माहौल तथा प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

हालांकि, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो सकती है।