अखिलेश यादव बोले- दो-चार करोड़ कम दे दो, फिर भी रथ बेच देंगे; BJP के 20 करोड़ वाले सवाल पर दिया जवाब
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने पीडीए रथ को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है। रायबरेली में पीडीए रथ यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपा उनके रथ की कीमत 20 करोड़ रुपये बता रही है तो वह इसे बेचने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दो-चार करोड़ रुपये कम भी मिलें तो वह रथ बेच देंगे और उसे भाजपा नेताओं के घर के बाहर खड़ा कर देंगे।
दरअसल, अखिलेश यादव इन दिनों उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत पीडीए रथ यात्रा निकाल रहे हैं। इसी रथ को लेकर भाजपा की ओर से सवाल उठाए गए थे। भाजपा की ओर से रथ की कीमत और उस पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि उनके रथ की कीमत 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है तो वह इसे बेचने के लिए तैयार हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि रथ के लिए बताई जा रही कीमत में कुछ रकम कम भी कर दी जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि दो-चार करोड़ रुपये कम देकर भी अगर कोई इसे खरीदना चाहता है तो वह रथ उसके घर के बाहर खड़ा कर देंगे। उनके इस बयान को भाजपा के सवाल का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने पीडीए रथ को भारतीय संस्कृति और महाभारत के कुरुक्षेत्र से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में रथ का अपना महत्व रहा है और कुरुक्षेत्र से जुड़े प्रसंगों में रथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी संदर्भ को सामने रखते हुए उन्होंने पीडीए रथ यात्रा शुरू करने की बात कही।
समाजवादी पार्टी ने 24 सितंबर से रायबरेली में पीडीए रथ यात्रा शुरू की है। पार्टी की ओर से इसे आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अखिलेश यादव लगातार पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को पार्टी की राजनीतिक रणनीति के केंद्र में रखने की बात कह रहे हैं।
इस बीच पीडीए रथ को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इससे पहले बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव के रथ के रंग को लेकर टिप्पणी की थी। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने भी पलटवार किया था। अब भाजपा की ओर से रथ की कीमत को लेकर उठाए गए सवाल पर अखिलेश का यह बयान चर्चा में है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने लगी हैं। सपा की ओर से रथ यात्रा और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की कवायद चल रही है, जबकि भाजपा भी अपने संगठन और चुनावी कार्यक्रमों को लेकर सक्रिय है। ऐसे में आने वाले दिनों में रथ यात्रा और उससे जुड़े राजनीतिक बयानों को लेकर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।