राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, वीडियो में बोले- 'इस बार भाजपा को न चंदा मिलेगा, न चढ़ावा और न वोट'
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मंदिर में आने वाले चढ़ावे के हिसाब-किताब में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के दान का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शिकायतें किए जाने के बावजूद इस मामले में पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इस दौरान अयोध्या के 'मंदिर राम निवास' के पंच प्रमुखहरिशंकर साफरीवाला भी उनके साथ मौजूद रहे।
'राम मंदिर पर जबरन कब्जा किया गया'
प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर पर जबरन कब्जा किया गया और मंदिर में आने वाले चढ़ावे का सही हिसाब जनता के सामने नहीं रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
'श्रद्धालुओं के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो'
सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान राम के नाम पर मिलने वाले चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।उन्होंने कहा, "श्रद्धालुओं के दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। अगर आस्था से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता नहीं होगी, तो लोगों का भरोसा टूटेगा।"
2027 चुनाव का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने दावा किया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद का असर आने वाले विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिलेगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "इस बार भाजपा को न चंदा मिलेगा, न चढ़ावा और न वोट।"
कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
राम मंदिर विवाद के अलावा अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बढ़ते साइबर अपराध, एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और राज्य सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में जनता कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है और सरकार इन मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करने में विफल रही है।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच सियासत तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। एक ओर मामले की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है। भाजपा या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अखिलेश यादव के ताजा आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।