दशहरा पर अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, अयोध्या में दान चोरी का मुद्दा उठाया
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दशहरा के मौके पर बधाई संदेश देते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे, चंदे और दान में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को फिर उठाया। उनके बयान से संकेत मिला कि सपा आने वाले दिनों में इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में रखने की तैयारी में है।
पोस्टर और भगवान राम की तस्वीर का किया जिक्र
18 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि भगवान राम की तस्वीर को पोस्टर से ढकने के पीछे बीजेपी की मंशा लोगों का ध्यान अयोध्या मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं से हटाना है। उन्होंने दशहरा पर रावण दहन के प्रतीक का इस्तेमाल करते हुए चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़े आरोपों को भी उठाया। ये आरोप अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें किसी अंतिम जांच निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राम मंदिर में दान को लेकर पहले भी विवाद
अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर विवाद पहले भी सामने आ चुका है। जून 2026 में मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कथित चोरी, धन के दुरुपयोग और दान की गई नकदी व कीमती वस्तुओं से जुड़ी शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया था।
अखिलेश यादव इस मामले को लेकर लगातार बीजेपी पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। बीजेपी की ओर से इस राजनीतिक आरोप पर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया गया है और जांच प्रक्रिया का भी जिक्र किया गया है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस में प्रमुख बने हुए हैं। अखिलेश यादव का दशहरा संदेश भी इसी सियासी टकराव के बीच आया है। आने वाले दिनों में सपा इस मामले को किस तरह उठाती है और बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
हालांकि, दान से जुड़ी शिकायतों और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के नतीजों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।