×

गोरखपुर रेप कांड के बाद यूपी पुलिस में बड़ा एक्शन, दागी पुलिसकर्मियों की पहचान शुरू; आरोपी सिपाही पर 6 दिन में दाखिल हुई 187 पन्नों की चार्जशीट

 

गोरखपुर में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की सनसनीखेज घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस हरकत में आ गई है। इस मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना के बाद सरकार और पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए दागी पुलिसकर्मियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर ऐसे पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिन पर पहले से गंभीर आरोप हैं या जिनका आचरण संदिग्ध रहा है।

6 दिन में दाखिल हुई चार्जशीट

गोरखपुर रेप और हत्या मामले में पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही के खिलाफ महज 6 दिन के भीतर अदालत में 187 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और जांच के अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच युद्धस्तर पर पूरी की गई, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।

दागी पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

गोरखपुर कांड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान के निर्देश दिए हैं, जिनका सेवा रिकॉर्ड संदिग्ध है या जिनके खिलाफ पहले से गंभीर शिकायतें दर्ज हैं। ऐसे मामलों की समीक्षा कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पुलिस बल में अनुशासन और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।

सरकार का सख्त संदेश

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून के रक्षक यदि कानून तोड़ते हैं तो उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

जल्द सुनवाई की तैयारी

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अभियोजन पक्ष अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेगा। इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी कई सवाल खड़े किए हैं।

गोरखपुर की इस दर्दनाक घटना के बाद प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग ने तेज गति से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का दावा किया है।