☰
×

छात्रा की मौत के बाद टूटी अफसरों की नींद, लक्ष्मीपुरवा में 4 महीने से घरों के बाहर भरा सीवर का पानी

 

लक्ष्मीपुरवा इलाके में पिछले करीब चार महीने से घरों के बाहर जमा सीवर के गंदे पानी से स्थानीय लोग परेशान हैं। जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गंदे पानी और खराब सफाई व्यवस्था के चलते 50 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। इसी बीच एक छात्रा की मौत के बाद अब अधिकारियों की नींद टूटी है और इलाके की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंबे समय से सीवर का पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा है। कई जगहों पर लोगों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

चार महीने से घरों के बाहर जमा पानी

लक्ष्मीपुरवा में सीवर व्यवस्था खराब होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित बताई जा रही है। घरों के बाहर लगातार गंदा पानी जमा रहने से स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई। कई घरों के आसपास पानी जमा होने से रास्ते भी प्रभावित हुए। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध फैलने की शिकायत भी सामने आई है।

50 से अधिक लोगों के बीमार होने का दावा

इलाके के लोगों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के बीच रहने के कारण 50 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। लोगों में बुखार, त्वचा संबंधी परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत बताई जा रही है। हालांकि, इन बीमारियों का सीवर के पानी से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी चिकित्सकीय पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर जांच कराने और प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।

छात्रा की मौत के बाद बढ़ी चिंता

इलाके में एक छात्रा की मौत के बाद जलभराव और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या को समय रहते दूर किया जाता तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।

छात्रा की मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल और आधिकारिक जांच जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।

अब अधिकारी मौके पर पहुंचकर ले रहे जायजा

घटना के बाद अधिकारियों ने इलाके की स्थिति का निरीक्षण शुरू किया है। सीवर की सफाई, पानी की निकासी और जलभराव खत्म करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल अस्थायी तौर पर पानी निकालने के बजाय सीवर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही इलाके में नियमित सफाई, कीटनाशक दवा का छिड़काव और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी कराई जाए।

फिलहाल प्रशासन की सक्रियता के बाद लोगों को समस्या के जल्द समाधान की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार महीने से चली आ रही परेशानी को अब गंभीरता से लिया जाए, ताकि जलभराव और गंदगी के कारण लोगों को आगे किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न झेलनी पड़े।