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कानपुर के बाद अब गंगा एक्सप्रेस-वे पर बड़ा गड्ढा, 7 फीट गहराई में भरा पानी; चादर-शॉल डालकर छिपाया, VIDEO वायरल

 

उत्तर प्रदेश में बारिश के बीच सड़क और एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। कानपुर के बाद अब गंगा एक्सप्रेस-वे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा मिलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण गड्ढे में करीब 2 फीट तक पानी भर गया। हैरानी की बात यह रही कि इसे दूर से छिपाने के लिए ऊपर चादर और शॉल डाल दिए गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में चर्चा तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेस-वे पर सड़क के एक हिस्से में अचानक गड्ढा दिखाई दिया। बारिश का पानी जमा होने के कारण इसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढा करीब 7 फीट गहरा है और उसमें लगभग 2 फीट तक पानी भरा हुआ था। ऐसे में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह बेहद खतरनाक स्थिति बन सकती थी।

गड्ढे के ऊपर चादर और शॉल डाले जाने का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। वीडियो में सड़क पर मौजूद गड्ढे को ढकने की कोशिश दिखाई दे रही है। बारिश और कम दृश्यता के दौरान किसी वाहन चालक को यह गड्ढा नजर नहीं आने पर बड़ा हादसा हो सकता है।

गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में इसके निर्माण और सड़क की स्थिति को लेकर सामने आया यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

बारिश के मौसम में सड़क पर गड्ढे और जलभराव वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। खासकर एक्सप्रेस-वे पर वाहन अपेक्षाकृत तेज गति से चलते हैं। यदि सड़क पर अचानक गहरा गड्ढा दिखाई दे या पानी के नीचे गड्ढा छिपा हो तो चालक को वाहन नियंत्रित करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सकता। इससे गंभीर दुर्घटना की आशंका रहती है।

कानपुर में भी बारिश के दौरान सड़क धंसने और बड़े गड्ढे से जुड़ा मामला सामने आने के बाद अब गंगा एक्सप्रेस-वे की घटना ने सड़क निर्माण और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस तरह की स्थिति को तत्काल ठीक किया जाना चाहिए।

फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे गड्ढे की वास्तविक स्थिति, उसके बनने का कारण और उसे ढकने के लिए चादर-शॉल किसने डाली, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क का यह हिस्सा क्यों क्षतिग्रस्त हुआ और निर्माण या जल निकासी व्यवस्था में कोई कमी थी या नहीं।

बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे पर 7 फीट गहरे गड्ढे की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि समय रहते ऐसे खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षित नहीं किया गया तो वाहन चालकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है।