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मिर्जापुर में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई: लापरवाही के चलते जिलाधिकारी ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि, शिक्षा और कुपोषण मामलों में बरती जा रही थी उदासीनता

 

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था और कुपोषण से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने जिले के तीन खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की है।

जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन और कुपोषण से जुड़े कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने के बाद की है। प्रशासन का कहना है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाही

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जांच की गई। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में कार्यों की गति संतोषजनक नहीं पाई गई।

अधिकारियों को पहले भी सुधार के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ा कदम उठाते हुए तीन खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

कुपोषण रोकने के लिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने और योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।